दुबई/नई दिल्ली, 08 मार्च 2026 (स्पेशल कवरेज): यूएस-इजरायल-ईरान युद्ध ने मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र को युद्धक्षेत्र बना दिया है। 28 फरवरी से वेस्ट एशिया के प्रमुख हब्स – बहरीन, दुबई, कुवैत और कतर – में उड़ान सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं।

7 मार्च तक हजारों फ्लाइट्स कैंसल हो चुकी हैं, और हवाई क्षेत्र बंद होने से सामान्य उड़ानें ठप हैं।
युद्ध का हवाई यात्रा पर कहरईरान के मिसाइल हमलों और इजरायल की जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद कर दिया गया। प्रमुख एयरलाइंस ने संचालन निलंबित कर दिया:एमिरेट्स, कतर एयरवेज, एतिहाद: सभी नियमित फ्लाइट्स रद्द, केवल विशेष प्रत्यावर्तन (रिपैट्रिएशन) उड़ानें चला रही हैं।अन्य प्रभावित हब्स: दुबई इंटरनेशनल (DXB), दोहा (DOH), कुवैत (KWI) और बहरीन (BAH) में 90% कैंसिलेशन।
भारतीय यात्रियों पर भारी असर – 2 लाख से अधिक प्रवासी फंसे हुए हैं।भारतीय एयरलाइंस की सीमित बहालीघरेलू विमानन कंपनियों ने निकासी अभियान के तहत सीमित सेवाएं शुरू कीं:एयर इंडिया, अकासा एयर, इंडिगो, स्पाइसजेट: दुबई इंटरनेशनल, जेद्दाह और फुजैराह जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर सीमित उड़ानें बहाल।
उदाहरण: इंडिगो की 6E-XXX सीरीज (दिल्ली-दुबई), एयर इंडिया AI-9XX (मुंबई-जेद्दाह)।निकासी मिशन: भारत, फ्रांस, स्पेन, अमेरिका समेत कई देश अपने नागरिकों को खाली करा रहे हैं।
भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु-2’ जैसा अभियान शुरू किया, जिसमें 50,000 भारतीयों को लाने का लक्ष्य।प्रभाव और आंकड़ेकैंसिलेशन: 28 फरवरी से 10,000+ फ्लाइट्स प्रभावित।आर्थिक नुकसान: $5 बिलियन से अधिक, खासकर तेल और व्यापार पर।भारतीय प्रवासी: सऊदी अरब, UAE, कुवैत में 1.5 लाख फंसे।विशेषज्ञ राय: एविएशन एनालिस्ट ने कहा, “युद्ध समाप्ति तक हवाई यात्रा 50% कम रहेगी।
” जरूरी सलाहट्रैवल अपडेट्स: MEA ऐप या एयरलाइंस वेबसाइट चेक करें।निकासी रजिस्ट्रेशन: indianembassy.gov.ae पर नाम दर्ज कराएं।रिफंड/रीबुकिंग: 72 घंटे में प्रोसेस होगा।सुरक्षा: लैंडलाइन/वीडियो कॉल से संपर्क रखें, यात्रा टालें।बीमा क्लेम: युद्ध कवर वाले पॉलिसी का लाभ लें।यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला रहा है। भारतीय सरकार लगातार अपडेट दे रही है – सुरक्षित रहें!

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