जिनमें ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल, ड्रोन और नौसेना को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया गया है।
सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की मौत हो चुकी है, जिसके बाद हालात और भड़क गए हैं।ईरान जवाबी कार्रवाई में ड्रोन और मिसाइल से इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र के ठिकानों को टारगेट कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसा माहौल है।
लेबनान–इज़राइल (हिज़्बुल्लाह फ्रंट)ख़ामेनेई की हत्या के बाद लेबनान की ईरान समर्थित ग्रुप हिज़्बुल्लाह ने 2 मार्च से इज़राइल पर तेज़ हमले शुरू कर दिए हैं।
हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल के एयरबेस, मॉनिटरिंग बेस और ऑयल–गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन से कई हमले किए हैं।
जवाब में इज़राइल ने बेरूत में हिज़्बुल्लाह के हेडक्वार्टर, टीवी स्टेशन और कम्युनिकेशन सेंटर पर भारी एयरस्ट्राइक की हैं और साउथ लेबनान के कुछ “रणनीतिक इलाकों” पर ज़मीनी कब्ज़ा शुरू कर दिया है।समुद्री रास्ते और तेल सप्लाई पर असरईरान से टकराव के बाद यमन के हूती विद्रोहियों ने फिर से रेड सी और Gulf of Aden में अमेरिकी व इज़राइली जहाज़ों पर मिसाइल–ड्रोन अटैक की धमकी दी है, जिससे दो बड़े चोकपॉइंट (Strait of Hormuz और Bab el‑Mandeb) पर ख़तरा बढ़ गया है।
इससे ग्लोबल ऑयल और ट्रेड रूट पर बड़ा रिस्क बन गया है और अमेरिका खाड़ी में तेल टैंकरों के लिए नेवल एस्कॉर्ट और इंश्योरेंस देने की बात कर रहा है।
अमेरिका और सहयोगी देशों की भूमिकाअमेरिकी सेन्ट्रल कमांड के अनुसार उन्होंने ईरान के सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल, लॉन्चर और ड्रोन सिस्टम को नष्ट कर दिया है और लगभग 17 ईरानी जहाज़ों सहित करीब 2000 टारगेट्स को हिट किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री (Marco Rubio) और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ईरान के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर और ज़्यादा तेज़ ऑपरेशन हो सकते हैं और ईरान से “अनकंडीशनल सरेंडर” जैसी सख़्त शर्तों की बात की जा रही है।
मानवीय हालात और भविष्य का रिस्कयूएन और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ लगातार चेतावनी दे रही हैं कि पाँच दिन से जारी इस एस्केलेशन से आम नागरिकों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है और क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा मानवीय संकट बन सकता है।
अगर हिज़्बुल्लाह, हूती और ईरान समर्थित दूसरे ग्रुप और ज़्यादा सक्रिय होते हैं तो युद्ध पूरी तरह रीजनल वॉर में बदल सकता है, जिससे तेल कीमत, व्यापार और सुरक्षा पर वैश्विक स्तर पर भारी असर पड़ने की आशंका है।

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