
२०२६ में मकर संक्रांति १४ जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी।�शुभ मुहूर्तसूर्य मकर राशि में प्रवेश का क्षण: १४ जनवरी दोपहर ३:१३ बजे।��
महापुण्य काल: दोपहर ३:१३ से शाम ४:५८ बजे तक (१ घंटा ४५ मिनट)।�
पुण्य काल: दोपहर ३:१३ से शाम ५:४५ बजे तक (२ घंटे ३२ मिनट)।��स्नान-दान समयब्रह्म मुहूर्त: सुबह ५:२७ से ६:२१ बजे।�
गंगा स्नान मुहूर्त: सुबह ९:०३ से १०:४८ बजे।��
इस समय स्नान, दान, तिल-गुड़ का दान और सूर्य को अर्घ्य देना विशेष फलदायी माना जाता है।��
मुख्य शुभ मुहूर्तमकर संक्रांति क्षण: दोपहर ३:१३ बजे (सूर्य का मकर राशि में प्रवेश)।
��महापुण्य काल: दोपहर ३:१३ से शाम ४:५८ बजे तक (१ घंटा ४५ मिनट)।���पुण्य काल: दोपहर ३:१३ से शाम ५:४५/५:५७ बजे तक (२-२.५ घंटे)।���शामिल कर्मकांडस्नान मुहूर्त: गंगा/पवित्र स्नान सुबह ९:०३ से १०:४८ बजे; ब्रह्म मुहूर्त सुबह ५:२७-६:२१ बजे।
���दान-पुण्य: तिल, गुड़, खिचड़ी, वस्त्र, अनाज का दान; सूर्य को अर्घ्य और जप।���पूजन विधि: सूर्य मंत्र जाप, तिल-लड्डू भोग, उत्तरायण योग में शुभ कार्य प्रारंभ।��

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