�l�� राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग ने वार्ड परिसीमन और वोटर लिस्ट संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।���कब हो सकते हैं ग्राम प्रधान चुनावमीडिया रिपोर्टों के अनुसार यूपी में अगला पंचायत चुनाव अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच कराने की तैयारी है, जिसमें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे।
���कुछ रिपोर्टें बताती हैं कि मतदान अप्रैल या मई 2026 में होने की संभावना है, जबकि आयोग ने अभी विस्तृत कार्यक्रम (तारीख़वार शेड्यूल) औपचारिक रूप से जारी नहीं किया है।
���तैयारियाँ और नई व्यवस्थाएँत्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वार्डों का परिसीमन, मतदाता सूची का पुनरीक्षण, डुप्लीकेट नाम हटाने और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम चल रहा है; कई ज़िलों में अंतिम सूची की लक्ष्य‑तिथि अगस्त 2025 तक रखी गई थी।���रिपोर्टों के मुताबिक ग्राम प्रधान समेत विभिन्न पदों के लिए नामांकन फ़ॉर्म शुल्क और प्रचार व्यय की सीमा में भी वृद्धि की जा रही है, ताकि चुनावी खर्च को नियंत्रित और पारदर्शी बनाया जा सके।
���‘प्रत्यक्ष चुनाव’ पर चर्चायोगी सरकार ने ज़िला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए अप्रत्यक्ष प्रणाली की जगह सीधे जनता द्वारा चुनाव (डायरेक्ट इलेक्शन) का प्रस्ताव रखने पर विचार शुरू किया है।
��पंचायती राज मंत्री और अन्य नेताओं के बयानों के अनुसार, अगर संवैधानिक संशोधन और केंद्र की मंज़ूरी मिलती है तो 2026 के पंचायत चुनाव से ही ज़िला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख सीधे जनता द्वारा चुने जा सकते हैं।
��कितने ग्राम प्रधान चुने जाएंगेपरिसीमन और नगर निकायों के विस्तार की वजह से इस बार ग्राम पंचायतों की संख्या घटकर लगभग 57,694 रह जाने का अनुमान है, यानी इतने ग्राम प्रधानों के लिए चुनाव होंगे।
��2021 के पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधानों की संख्या 58,195 थी, इसलिए इस बार कुछ सैकड़ों पद कम हो सकते हैं, पर कुल मिलाकर ढाई लाख से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है।��
ग्राम प्रधान के लिए नामांकन प्रक्रिया मुख्य रूप से राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना और स्थानीय तहसील/ब्लॉक स्तर पर तय कार्यक्रम के अनुसार चलती है, लेकिन ढांचा लगभग पूरे यूपी में एक जैसा होता है।
��� नीचे सामान्य प्रक्रिया सरल भाषा में दी जा रही है (जब 2026 पंचायत चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना आएगी, तो यही स्टेप्स तारीख़ों के साथ लागू होंगे)।���1. अधिसूचना और नामांकन फॉर्मसबसे पहले राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करता है, जिसमें नामांकन की शुरू–समाप्ति तिथि, जांच की तिथि और मतदान की तिथि आदि बताई जाती हैं।
��ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन फॉर्म तहसील/ब्लॉक मुख्यालय स्थित नामित नोडल अधिकारी या सहायक निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिलते हैं या वहीं से जमा किए जाते हैं।��
2. योग्यता और कागज़ात तैयार करनाप्रत्याशी का उसी ग्राम पंचायत का मतदाता होना, आयु 21 वर्ष से अधिक होना, और किसी अयोग्यता (जैसे दो से अधिक बच्चों का नियम, आपराधिक सज़ा आदि) से मुक्त होना आवश्यक होता है; सटीक नियम चुनाव अधिसूचना और पंचायती राज अधिनियम में दिए रहते हैं।��
नामांकन के साथ आमतौर पर ये दस्तावेज़ लगते हैं: मतदाता पहचान पत्र या उसका प्रमाण, आधार/फोटो आईडी, जाति प्रमाण पत्र (यदि आरक्षित सीट है), शपथ पत्र (हलफ़नामा), पासपोर्ट साइज फोटो, और नामांकन शुल्क की रसीद।
���3. नामांकन पत्र भरना और जमा करनाउम्मीदवार को निर्धारित फॉर्म में अपना नाम, पिता/पति का नाम, पता, वार्ड/ग्राम पंचायत का विवरण, आरक्षण श्रेणी और क़ानून के अनुसार आवश्यक घोषणाएँ (जैसे आपराधिक मामले, संपत्ति विवरण) भरकर हस्ताक्षर करना होता है।
��भरा हुआ नामांकन पत्र निर्धारित तिथि और समय सीमा के भीतर संबंधित अधिकारी के समक्ष स्वयं या अधिकृत प्रस्तावक के माध्यम से जमा करना होता है; देरी से दिया गया फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाता।
��4. जांच (स्क्रूटनी) और नाम वापसीनामांकन की आख़िरी तारीख के बाद अगले दिन आमतौर पर स्क्रूटनी होती है, जिसमें अधिकारी कागज़ों की जांच करके यह देखते हैं कि सब दस्तावेज़ सही हैं या नहीं; कमी या गलत जानकारी होने पर नामांकन ख़ारिज हो सकता है।��वैध नामांकन बचे प्रत्याशी चाहें तो आयोग द्वारा तय “नाम वापसी” की तारीख तक अपना नाम वापस ले सकते हैं; उसके बाद जो नाम रह जाते हैं वही अंतिम प्रत्याशी सूची में शामिल किए जाते हैं।
��5. अंतिम सूची, चुनाव चिन्ह और प्रचारजांच और नाम वापसी के बाद ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रत्याशियों की अंतिम लिस्ट नोटिस बोर्ड और सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की जाती है।
��इसके बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित होते हैं (जहाँ लागू हो) और वे निर्धारित व्यय सीमा के भीतर घर–घर संपर्क, छोटी सभाएँ, पोस्टर/पर्चे आदि के माध्यम से प्रचार कर सकते हैं; व्यय सीमा और आचार संहिता के नियमों का पालन अनिवार्य होता है
।��आप अपने ज़िले/ब्लॉक का नाम बताएं तो वहाँ के पिछले चुनाव के आधार पर और भी ज़्यादा स्थानीय स्तर की जानकारी (कहाँ फॉर्म मिलता है, कितने बजे तक जमा होता है आदि) हिंदी में बता सकता है।

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